नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंधों को लेकर केंद्र सरकार ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है। सरकार ने ऐलान किया है कि दोनों देशों के बीच अब कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली जाएगी। इसका मतलब है कि भारतीय टीम पाकिस्तान का दौरा नहीं करेगी और न ही पाकिस्तान की टीम को भारत आने की अनुमति दी जाएगी।
खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों की बहाली का कोई सवाल ही नहीं उठता और भारत की इस नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, यह फैसला मल्टी-नेशन टूर्नामेंट जैसे एशिया कप और आईसीसी टूर्नामेंटों पर लागू नहीं होगा। भारतीय टीमें इन आयोजनों में हिस्सा लेंगी, लेकिन शर्त यह होगी कि मुकाबले किसी तीसरे यानी न्यूट्रल वेन्यू पर आयोजित किए जाएं।
अधिकारी ने स्पष्ट किया, “भारत की टीमें उन सभी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लेंगी जिनमें पाकिस्तान की टीमें शामिल होंगी। इसी तरह, अगर भारत में कोई मल्टी-नेशन टूर्नामेंट होता है, तो उसमें पाकिस्तान को खेलने की अनुमति दी जाएगी।”
इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि भारत-पाकिस्तान की बहुप्रतीक्षित भिड़ंत अब सिर्फ एशिया कप और आईसीसी टूर्नामेंट जैसे बड़े मंचों पर ही देखने को मिलेगी।
एशिया कप में भारत-पाक भिड़ंत के बन रहे हैं तीन मौके
क्रिकेट प्रेमियों के लिए अच्छी खबर यह है कि आगामी एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की टीमें फिर आमने-सामने होंगी। टूर्नामेंट की शुरुआत 9 सितंबर से होगी और पहला भारत-पाक मैच 14 सितंबर को खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला 29 सितंबर को होगा। यह पूरा टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा।
फॉर्मेट के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बार टक्कर की संभावना है – ग्रुप स्टेज, सुपर फोर और फाइनल में। इससे फैंस को एक बार फिर से हाई-वोल्टेज मुकाबलों का रोमांच देखने को मिल सकता है।